योग दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, यह 'स्वस्थ्य जीवन' का संदेश; नीदरलैंड में डच नागरिकों ने भी योग अपनाया, भारत के राजदूत से अर्थ प्रकाश की बातचीत

International Yoga Day 2026 Organized in Netherlands For Healthy Ageing

International Yoga Day 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2026) को देश-विदेश के विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही लोगों में योग के प्रति उत्साह देखने को मिला। सामाजिक संस्थाओं और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। इसी कड़ी में नीदरलैंड की धरती पर भी योग को लेकर जागरूकता की एक खास तस्वीर दिखी।  

भारतीय दूतावास द्वारा यहां रॉटरडैम में मास नदी के किनारे पर प्राकृतिक और कृतिम रूप से संयुक्त खूबसूरत नज़ारों के बीच योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां इस योग कार्यक्रम के लिए 150 से ज़्यादा लोग एकसाथ इकट्ठा हुए और योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में डच नागरिकों ने भी हिस्सा लिया और योग के माध्यम से स्वस्थ्य जीवन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इसी के साथ भारतीय और डच नागरिकों का एक साथ आना और योग को अपनाना, इसमें स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एकता की एक झलख देखने को मिली। नीदरलैंड में इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ रखी गई।

राजदूत कुमार तुहिन ने कहा- योग हो रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा

इधर योग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन ने कहा कि सभी से बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग को अपनी रोज़मर्रा की आदत बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योग जीवन के हर चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम है। अगर लोग योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना लेंगे तो वह शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने के साथ-साथ मानसिक तौर से भी स्वस्थ्य रह पाएंगे। उनमें सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ेगा और उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी।

राजदूत कुमार तुहिन से अर्थ प्रकाश की योग पर बातचीत

नीदरलैंड में अर्थ प्रकाश संवाददाता शेली गोयल ने जब कार्यकरम के दौरान राजदूत कुमार तुहिन से योग के विस्तार और इसके प्रति लोगों की जागरूकता पर बातचीत की तो राजदूत कुमार तुहिन ने कहा कि योग की उत्पत्ति भले ही भारत में हुई हो, लेकिन आज यह पूरी दुनिया की धरोहर बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग लोगों को स्वस्थ और खुश रखने के साथ-साथ विभिन्न देशों और संस्कृतियों को भी जोड़ता है। यह सीमाओं से परे जाकर लोगों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है।

राजदूत ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आध्यात्मिक विकास और वैश्विक सद्भाव का संदेश भी देता है। इसके माध्यम से शांति, सकारात्मकता और कल्याण की भावना पूरी दुनिया में फैलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास हर वर्ष मुख्य आयोजन को किसी नए शहर में आयोजित करने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि स्थानीय समुदायों के साथ अधिक गहरा जुड़ाव स्थापित किया जा सके। पिछले वर्ष मुख्य कार्यक्रम हेग में आयोजित किया गया था, जबकि इस वर्ष इसे रॉटरडैम में आयोजित किया गया है। अगले वर्ष किसी अन्य शहर को चुना जा सकता है।

एक और सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि योग से जुडऩे वाले लोगों और संस्थाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज शायद ही कोई ऐसा शहर या स्थान होगा, जहां योग स्टूडियो न हो। योग के माध्यम से भारत की पहचान और उसकी सांस्कृतिक छवि को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने योग को एक प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में मिल रही अंतरराष्ट्रीय पहचान का भी उल्लेख किया और गुजरात में आयोजित एक प्रतिष्ठित योग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डच प्रतिभागियों को बधाई दी।

व्यस्त जीवनशैली में भी अपनाएं योग- विजय गणेश

कार्यक्रम के दौरान भारतीय दूतावास के गांधी सांस्कृतिक केंद्र के योग प्रशिक्षक विजय गणेश ने सामूहिक योग सत्र का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया। अर्थ प्रकाश संवाददाता शेली गोयल से बातचीत में विजय गणेश ने बताया कि व्यस्त जीवनशैली के बावजूद लोग बहुत कम समय में योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।

स्वस्थ्य जीवन के लिए मान लें ये सलाह

योग प्रशिक्षक विजय गणेश ने लोगों को सलाह दी कि सुबह केवल पांच मिनट सूर्य नमस्कार करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और पूरे दिन कार्यक्षमता बनी रहती है, बशर्ते व्यक्ति को पीठ या हृदय संबंधी कोई गंभीर समस्या न हो। उन्होंने बताया कि तनाव कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए सुख प्राणायाम तथा अनुलोम-विलोम करने चाहिए। वहीं अनिद्रा और थकान से राहत पाने के लिए उन्होंने सोने से पहले 10 से 15 बार भ्रामरी प्राणायाम करने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि जब नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है तो व्यक्ति अगले दिन बेहतर ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ जागता है।

जीवन में पर योग का प्रभाव

योग स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली की कुंजी है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली का आधार बनता जा रहा है। नियमित योग करने से शरीर लचीला और मजबूत बनता है, वहीं मानसिक तनाव कम होकर मन को शांति मिलती है। योग एकाग्रता बढ़ाने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और दैनिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए खुद नियमित योग करने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक और प्रेरित करना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन कुछ समय योग और प्राणायाम को देने से व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ती है तथा जीवन में संतुलन बना रहता है। यही कारण है कि योग अब स्वास्थ्य के साथ-साथ आधुनिक लाइफस्टाइल का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करना समय की आवश्यकता है। इसीलिए कहा भी जाता है कि 'योग भगाए रोग', 'योग ही जीवन का आधार है' 'योगा से ही होगा'.... यानि यह प्राचीन पद्धति बिना किसी दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) के तनाव कम करती है, इम्युनिटी बढ़ाती है, और पुराने रोगों जैसे मधुमेह, रक्तचाप व गठिया में अत्यधिक लाभ पहुंचाती है।